सब कुछ पाने का लालच राजा को गरीब और संतोष सामान्य इंसान को राजा बना सकता है। Hindi Motivational story.

 
Hindi Motivational story.

सब कुछ पाने का लालच राजा को भी गरीब बना सकता है और संतोस सामान्य इंसान को भी राजा बना सकता है। Hindi Motivational story.


ये कहानी आपकी जिंदगी में सुधार कर सकता है। अपने फायदे के लिए दूसरों का नुकसान नहीं करना चाहिए। Hindi kahaniya. Hindi story. Motivational story.


 सालों पहले की बात है। एक साधु एक नगर से गुजरते हुए जा रहे थे। नगर की समृद्धि देखकर साधु उस नगर के राजा  की तारीफ कर रहा था। ईतने में ही उसकी नजर रास्ते पर पड़े एक सोने के हार पर पड़ी। साधु ने उन हार को उठा लिया। उस साधु ने सोचा कि मेरे लिए यह सोने का हार बेकार है, में इसे गांव के किसी गरीब व्यक्ति को दे दूंगा। उसने उस हार को अपने कपड़े से बांध लिया। 

बहोत दिन वित गए। एक दिन साधु ध्यान में बैठे थे। तभी घोड़े की चलने की आवज आ रही थी। साधु ने आंख खोलकर देखा तो सामने से एक राजा और उसके पीछे सैनिक घोडे पर चलते हुई आ रहे थे। राजा और उसके सैनिक साधु जहा बैठे थे वहां से निकले। इस लिए चारों तरफ धूल उड़ने लगी। राजा ने आदेश दिया कि रुक जाओ ! सब रुक गए। राजा ने घोड़े को साधु के पास लिया और घोड़े से उतर के साधु के चरण स्पर्श किया। और कहा, आशीर्वाद दीजिए गुरुजी ! 


साधु ने कहा किस चीज का आशीर्वाद चाहिए ? राजा ने कहा पास वाली राज्य को जीतने जा रहा हु। उस राज्य को जीतू और बहोत खजाना मीले। साधु ने कहा, वत्स तुम्हारे राज्य में लोग शांति से महेनत कर के जीवन चलाते है। तुम्हारी महिमा अपार है। फ़ी तुम्हे दूसरे राज्य पर चढ़ाई किस लिए ? राजा ने साधु से कहा हमे अपना खजाना बढाते रहना चाहिए। इस लिए आसपास के राज्य को जितना पड़ता है। 


साधु ने कहा थोड़ी देर रुको ! साधु को जो सोने का हार मिला था, वो लाकर उस राजा के हाथ मे दिया। यह मुझे रास्ते पे पड़ा मिला था। मेरे लिए यह बेकार है इस लिए में इसे किसी गरीब को देना चाहता था। बहोत लोगो को पूछा कि आपको जीवन मे किसी चीज की कमी है। सब ने कहा कि वैसे तो बहोत कुछ चाहिए पर भगवान समय समय पर देता रगता है। भले ही थोड़ा देता हो। इस लिए किसी चीज की कमी है ऐसा लगता नहीं। 


वत्स तुम्हारे राज्य में सब संतोषी है यह जानकर मुझे तुम्हारे ऊपर मान हो रहा है। पर आज ऐसा लग रहा है कि तुम्हारे राज्य में सबसे गरीब व्यक्ति तुम्हीं हो। तम्हे धन प्राप्त करने की लालच है। तो लो, आशीर्वाद के साथ पहला धन में तुम्हे दे रहा हु। राजा साधु के पैर में पड़ गया और कहने लगा, गुरुजी आपने मेरी आँखें खोल दी। अब आज से हम धन के लिए दूसरे राज्य पर चढ़ाई नहीं करेंगे। फिर राजा ने सैनिकों को कहा ! सैनिकों चलो वापस अपने राज्य में। 


By PK.MOTIVATION

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