देश के कुछ महान शिक्षक। Desh ke mahan shikshak. Happy teacher's day

देश के कुछ महान शिक्षक। happy teacher's day


देश के कुछ महान शिक्षक। Desh ke mahan shikshak. happy teacher's day.


 एक अच्छा शिक्षक मोमबत्ती की तरह खुद को जलाकर अपने शिष्यों को प्रकाश देता है । हमारे देश में ऐसे ही महान शिक्षक हुए हैं । आइए शिक्षक दिवस पर जानते हैं उनके बारे में। 


चाणक्य

 ( अनुमानतः ईसापूर्व 376 - ईसापूर्व 283 )

 चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे । वे ' कौटिल्य ' और ' विष्णुगुप्त ' नाम से भी जाने जाते हैं । आचार्य श्री चणक के शिष्य होने के कारण वे चाणक्य कहलाए । चाणक्य चतुर और विद्वान व्यक्ति थे । चाणक्य तक्षशिला विश्वविद्यालय के आचार्य थे । वे तक्षशिला विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करते थे । राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के आचार्य तथा अर्थशास्त्रा , राजनीति , कृषि , समाजनीति के वे महान रचयिता थे । चाणक्य की कूटनीति ( जिसमें किस तरह समस्या को दूर किया जा सकता है ) को देश - विदेश के लोग आज भी मानते और अपनाते हैं। 


सावित्रीबाई फुले 

( ७ जनवरी 1831 - 10 मार्च 1897)

 सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले भारत की प्रथम महिला शिक्षिका , समाज सुधारिका एवं मराठी कवयित्री थीं । उन्होंने अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर स्त्री अधिकारों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए । सावित्रीबाई प्रथम महिला शिक्षिका थीं । उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है । सावित्रीबाई फुले ने पुणे में 1852 को लड़कियों के लिए एक स्कूल की स्थापना की थी , जिसमें वे प्रिंसिपल थीं । बालिकाओं को पढ़ा - लिखाकर आगे बढ़ाना उनका उद्देश्य था।


डॉ . सर्वपल्ली राधाकृष्णन 

( 5 सितम्बर 1888 - 17 अप्रैल 1975 ) 

डॉ . सर्वपल्ली राधाकृष्णन मैसूर विश्वविद्यालय के मद्रास प्रेसीडेंसी कॉलेज में प्रोफेसर थे । वे कॉलेज में दर्शन शाला और हिन्दू धर्म की शिक्षा देते थे । डॉ . सर्वपल्ली राधाकृष्णन का नाम उन महान शिक्षकों में आता है जिन्होंने भारत को महान बनाया है । डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति रह चुके हैं । उनके गुणों को देखकर सन् 1954 में सर्वोच्च सम्मान पुरस्कार ' भारत रत्न ' से सम्मानित किया था । डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।


आरके नारायण

 (10 अक्टूबर 1906-13 मई 20017)

 आरके नारायण का पूरा नाम रासीपुरम कृष्णस्वामी अय्यर नारायणस्वामी था । आरके नारायण अंग्रेजी साहित्य के भारत के तीन सबसे बड़े लेखकों में से एक हैं । उन्होंने एक अध्यापक और पत्रकार के रूप में काम किया है , इनके पिता भी एक अध्यापक थे । इन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है । साथ ही इनके द्वारा रचित एक उपन्यास ' गाइड ' के लिए इन्हें सन् 1960 में साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया था।


डॉ . एपीजे अब्दुल कलाम

( 15 अक्टूबर 1931 - 27 जुलाई 2015 )

 डॉ . कलाम एक महान शिक्षक , वैज्ञानिक और एक महान राजनेता थे । उन्होंने कभी भी किसी भी मुसीबत से हार नहीं मानी । जीवन में आने वाली कठिनाइयों को पार कर वे निरंतर आगे बढ़ते रहे । डॉ . कलाम शिक्षा के लिए हमेशा समर्पित रहे । अपनी लगन और निष्ठा से वे भारत के 11 वें राष्ट्रपति बने । उन्हें भारत सरकार द्वारा वर्ष 1997 में भारतरत्न ' 1981 में ' पद्मभूषण ' और वर्ष 1990 में ' पद्म विभूषण ' से सम्मानित किया गया था।

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