क्या नसीब में जो लिखा है वही होता है ? ऐसी स्पीच जो आपकी जिंदगी बदल देगी। Life speech.

क्या नसीब में जो लिखा है वही होता है ? ऐसा स्पीच जो आपकी जिंदगी बदल देगा। Life speech.


क्या नसीब में जो लिखा है वही होता है ? ऐसी स्पीच जो आपकी जिंदगी बदल देगी। Life speech. Motivational speech. Life speech. 


 दुनिया के महान इंसानो को पता नहीं था कि उसका जन्म किसी महान कार्य के लिए हुआ है। वो सब जो करते थे वो पूरे दिल से करते रहे, और अचानक ही महान के मंजिल पर पहोंच गए। आल्बर्ट आइंस्टाइन का जन्म हुआ था तो वो बहोत ही कमजोर थे। इतना कमजोर थे कि वो चार साल हुए तब तक वो बोल ही नही सकते थे। आइंस्टाइन के टीचर ने उसके घर वालो को कहा था कि यह लड़का जिंदगी में कुछ भी नहीं कर सकता। आल्बर्ट आइंस्टाइन ने बड़े होकर क्या किया वो पूरी दुनिया जानती है। 

अगर कोई आपसे पूछे की क्या आप नसीब पे विस्वास करते हो तो ? तो आप क्या जबाव दोगे। ज्यादातर लोगों का जबाव हा में होगा कि हम नसीब पे विश्वास करते है। माननेवाले तो यह भी मानते है कि सब कुछ लिखा हुआ है।  जिंदगी का पूरा प्रोग्राम पहले से ही सेट हो चुका है। हम सब को तो खाली परफॉर्म करना है। हाथ की रेखा से लेकर  कुंडली के ग्रह हमे जिंदगीभर अलग अलग रंग बताता रहता है। फिर भी क्या नसीब जैसा कुछ है ? क्या भगवान है ? क्या भूत-प्रेत है ? यह सब रहस्यमय है। ( इस मे आपको कुछ पता ना चला हो तो हमे नीचे कॉमेंट कर के पूछ सकते है। )

Life speech

अब दूसरा सवाल, अगर मनुष्य को पता होता कि उसके नसीब में क्या लिखा है तो मनुष्य जितना महेनत करता है फिर वो उतना महेनत करता ? मान लेते है कि नसीब जैसा कुछ है, तो उसमे क्या लिखा है हमे कुछ नहीं पता। हकीकत तो यह है कि नसीब को नसीब के ऊपर छोड़ देना चाहिए। मनुष्य जो कर रहा है वो करते रहना चाहिए। 

हमारा नसीब ही खराब है। ऐसा तो मनुष्य को कभी ना कभी तो होता ही होगा। कुछ लोगो के लिए ( हमारा नसीब ही खराब है। ) रोज रोज होता है तो कुछ लोगो को बार बार। एक बात यह भी है कि नसीब को बार बार दोष देने से नसीब नहीं बदल जाता। जो लोग बार बार अपने नसीब को दोष देते है वो जीवन मे कुछ नही कर सकते। जिन लोगो को अपने जात के उपर विश्वास नहीं होता वही लोग नसीब को दोष देते है। 

मनुष्य हर काम गिनती से करता है। अगर में इतना करूँगा तो इतना तो मिलना चाहिए। अगर वो नहीं मिला तो लोग कहेंगे, मेरा तो नसीब ही खराब है। एक तकलीफ यह भी है कि हम अपने नसीब को दुसरो के नसीब से मिलाते रहते है। यही कहते है कि मेरे से अच्छा उसका नसीब है। वो मेरे से कम महेनत करता है फिर भी वो आगे है। कुछ लोग दूसरों की सफलता देख के कहते है, सच मे नसीब जैसा कुछ होता है वरना इसकी कहा औकात जो यह कर सके। 


Shere जरूर करे। shere करने से हमे motivation मिलता है। 🙏


इसे भी पढ़े। 

मनुष्य की कीमत क्या है।

किसी बात से डरो मत।

जिंदगी का मतलब क्या है ?

जैसा करोगे वैसा पाओगे।

Post a comment

0 Comments