Bacchon ki kahani. Best story. बच्चों की कहानी।

Bacchon ki kahani. Best story. बच्चों की कहानी।


Bacchon ki kahani. Best story. बच्चों की कहानी। 


 बहोत समय पुरानी बात है। मेघालय के एक पहाड़ी अंचल में रंग - बिरंगे , छोटे - बड़े हर तरह के पक्षियों का निवास था। वहां एक कौए का भी घोंसला बना रखा था। एक तीतर का भी वहां घोंसला था। यह दोनों पड़ोसी पक्षी एक - दूसरे के मित्र थे और अधिकांश समय एक - दूसरे के साथ बिताते थे । एक दिन तीतर अकेले जंगल में गया , लेकिन लौटकर नहीं आया। जब तीतर कई दिनों तक वापस नहीं आया तो कौए ने सोचा कि जंगल में उसके साथ कोई दुर्घटना न हो गई हो एक हफ्ते बाद एक दूसरा सुंदर पंखों वाला तीतर वहां आ गया।


जब उसने पहले वाले तीतर के घोंसले को खाली पाया तो उसने उसे साफ किया और वहीं रहने लगा । कौए ने जब वहां पर दूसरे तीतर को देखा तो वह बहुत प्रसन्न हुआ , क्योंकि वह पहले वाले तीतर के चले जाने के बाद से बहुत अकेलापन महसूस कर रहा था । अगले दिन कौआ तीतर के घोंसले पर उससे मिलने गया । वह उससे दोस्ती करना चाहता था और बताना चाहता था कि उसके वहां आने से वह बहुत प्रसन्न है । उस नए और सुंदर पंखों वाले तीतर ने बड़े शिष्टाचार से कौए से बात की कुछ दिन बाद वह भी कौए से मिलने उसके घोंसले पर गया । धीरे - धीरे उनके बीच गहरी दोस्ती हो गई । 


पहले वाले तीतर मित्र को भी वह अकसर याद करता । संयोग की बात है कि कुछ महीनों बाद एक दिन पहला वाला तीतर वापस आ गया और उसने सुंदर पंखों वाले तीतर को जब अपने घोंसले में देखा तो उसे बहुत गुस्सा आया । आखिर वह उसके घोंसले में कैसे रह सकता है ? सुंदर पंखों वाला तीतर तेज स्वर में बोला - " मैं अपने घर में रह रहा हूं तुम्हें किसने अनुमति दी है कि तुम मुझ पर चिल्लाओ ? " पहले वाला तीतर भी चिल्लाया , “ यह मेरा घोंसला है । तुम इसी समय यहां से बाहर निकल जाओ । " सुंदर पंखों वाला तीतर बोला , " कुछ महीनों से मैं यहां रह रहा हूं , इसलिए अब यह घोंसला मेरा है । मैं इसका मालिक हूं । तुम कहीं और घोंसला बना लो। 


 इस तरह से लड़ने से कोई परिणाम नहीं निकलेगा । " शोर सुनकर कौए सहित और पक्षी भी वहां एकत्र हो गए । कोई पहले तीतर का पक्ष ले रहा था तो कोई सुंदर पंखों वाले तीतर का । कोई भी असल में यह तय नहीं कर पा रहा था कि उनमें से कौन सही है । दोनों में से कोई भी तीतर झुकने को तैयार नहीं था । अंत में यह सुझाव पेश किया गया कि दोनों पक्ष अपने विवाद को एक निष्पक्ष के पास ले जाएं । फिर इस बात पर बहस होने लगी कि आखिर न्यायाधीश कौन बनेगा । पक्षियों ने कहा कि कौए को यह काम सौंपा जाए । पर दोनों तीतरों में से कोई भी कौए को न्यायाधीश के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था अंत में एक पक्षी ने कहा कि दोनों तीतर बिल्ली के पास जाएं क्योंकि बिल्ली ऐसा जानवर है जो मनुष्यों के साथ रहती। है और वह जानती है कि किस तरह फैसला करना चाहिए और वह घोंसले में नहीं रहती है । दोनों तीतर बिल्ली के पास गए । कौआ भी उनके साथ गया ।


 उसकी मित्रता तो दोनों ही तीतरों से थी । बिल्ली अपने घर में बैठी सोच ही रही थी कि किस प्रकार खाने का प्रबंध करे । उसने जैसे ही तीतरों के आने की आवाज सुनी , वैसे ही सोने का नाटक करके लेट गई । तीतर बिल्ली के जागने की प्रतीक्षा करने लगे । बिल्ली ने थोड़ी ही देर बाद अपनी आंखें मलते हुए जागने का नाटक किया । उन्होंने बिल्ली को अपनी समस्या बताई और उससे निष्पक्ष न्याय करने की प्रार्थना की । उनकी बात सुन बिल्ली अपनी खुशी छिपाते हुए बहुत ही मीठे स्वर में बोली , “ मुझे लगता है कि बेकार में ही तुम दोनों किसी सांसारिक वस्तु को लेकर लड़ रहे हो । मैं तो अब बूढ़ी हो गई हूं और मुझे ऊंचा सुनाई देता है , इसलिए तुम लोगों ने जो कुछ कहा है उसे मैं ठीक तरह से सुन और समझ नहीं पाई हूं । 

Hindi kahani

थोड़ा निकट आओ और एक बार फिर जो कुछ कहा है उसे ऊंची आवाज में कहो । " तीतर बिल्ली की बात सुनकर उसके निकट चले गए । दोनों तीतरों ने अलग - अलग सारी बात फिर से दोहराई और बिल्ली से न्याय करने का अनुरोध किया। बिल्ली बोली , “ मुझे बताओ कि तुम दोनों में से घोंसले का असली मालिक कौन है ? " तीतर बिल्ली के और निकट आ गए । वे बिल्ली की बात का जवाब दे ही रहे थे कि अचानक बिल्ली झपटी और एक साथ दोनों को अपने पंजे में दबाकर एक - एक करके उन्हें खा गई । कौआ जो दूर एक पेड़ पर बैठा यह सब देख रह था , हैरान रह गया । बिल्ली ने अपने मुंह पर लगा खून साफ किया और बोली , " जब दो कमजोर प्राणी अपने अधिकारों की सुरक्षा न कर सकें और अपनी शिकायत एक अजनबी शक्तिशाली के पास लेकर जाएं और उससे न्यायपूर्ण फैसले की अपेक्षा करें , तो उनसे बड़ा मूर्ख कौन होगा ।


 अब उनकी मूर्खता के लिए मैं तो दोषी नहीं । मैंने तो अपना पेट भर न्याय ही किया है । " दुखी मन से कौआ अपने घोंसले में वापस लौट आया । उसे समझ आ गया था कि जब भी कोई दो प्राणी लड़ते हैं तो उसका फायदा तीसरा उठाता है।


Bacchon ki kahani. Best story. बच्चों की कहानी। 


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