Jadui matake ke kahani. जादुई मटके की कहानी। Prerak kahani. Hindi story. Part - 2

Jadui matake ke kahani. जादुई मटके की कहानी।


Jadui matake ke kahani. जादुई मटके की कहानी।  prerak kahani. Hindi story. Part - 2. Bacchon ki kahani. 


यह कहानी का part-2 है। part-1 को पढ़ने के लिए  👉 click here

 रामु अपने घर आया। और अपनी पत्नी को सारी बात बताई। फिर उसकी पत्नी ने कहा। वाह, आप भी बहोत लालची हो। भगवान ने जो दिया वो ले आना था ना।  रामु ने कहा अरे उस मटके से क्या होता, खेत को खोद के उस मेसे खजाना खोज के लाऊंगा। और दूसरी तरफ मोहन और उसकी पत्नी उठे। नास्ता किया और मोहन ने मटके को लेकर आने को कहा। मोहन की पत्नी मटका लेन के लिए अंदर गई और दौड़ती हुई वापस आई। और कहा, सुनते हो मेने जो बचा हुआ चावल उस मटके में रखा था वो मटका पूरा भरा हुआ है। मोहन चौक गया। क्या सच मे ! 


उसकी पत्नी ने कहा यह जरूर कोई जादुई मटका है। जा..जा.. जादुई मटका कोई ऐसे ही खेत मे थोड़ी फेक देगा। पत्नी ने कहा तो इतना चावल कैसे आ सकता है। चलो फिर से कोशिश करते है। मोहन ने कहा ठीक है। घर मे जो 20 रुपये पड़े थे वो लेकर आ। मोहन ने उस 20 रुपये को उस मटके में डाल दिया। और उस मटके को देखने लगे। बहोत देर हो गई। देखते देखते दोनों की आंख लग गई। दोनों ने उठ कर देखा तो मटका पैसों से भरा हुआ था। 

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मोहन ने अपनी पत्नी से कहा, यह तो भगवान ने हमारी ऊपर दया की। दोनों भगवान को हाथ जोड़ने लगे। हमारी तो गरीबी खत्म हो गई। मोहन ने अपनी पत्नी से कहा इस मटके को छूपाके रख दे। किसी को इसके बारेमे मत बताना। अब किसी चीज के लिए किसी से मांगने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। मोहन उस मटके से कुछ पैसे लिए। पत्नी ने उस मटके को छूपा के रख दिया। मोहन बाजार गया और जरूरत की सभी चीज एक एक नंग ले आया। वो  एक एक चीज मटके में डालते जाता और मटका उस चीज से पूरा भर जाता। ऐसे करते करते उसके घर मे जरूरत की सभी चीज भर जाती है। 


और दूसरी तरफ रामु ने खेत खोदना चालू किया। अंधेरा होने तक खोजा फिर भी कुछ नहीं मिला। फिर उसने सोचा, कोई बात नहीं वो पित्तल का मटका बहोत भारी था। उसे घर ले जाता हूं। उसे बेचूंगा तो कुछ पैसे तो जरूर मिलेंगे। रामु खेत मे चारो तरफ ढूंढ लिया पर उसे मटका नहीं मिला। उसे बहोत पछतावा हुआ। खजाने के लालच में पूरा खेत खोद दिया। इस से अच्छा तो खेत मे अनाज बो देता तो अच्छा था। ना खजाना मिला ना वो पित्तल का मटका। 


सिख:- इस कहानी से हमे यह सिख मिलती है कि। हमे जो  मिले उसी में खुश रहना चाहिए। ज्यादा लालच अछि चीज नहीं है। अगर ज्यादा लालच  करोगे तो जो मिला होगा वो भी चला जायेगा। 


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2 Comments

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    1. Thanks... इस कहानी को shere जरूर करे। धन्यवाद 🙏

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