Hindi story. Hindi kahani. किया हुआ काम कभी खाली नहीं जाता।

 

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Hindi story. Hindi kahani. किया हुआ काम कभी खाली नहीं जाता। 

सोनापुर गांव में मनीष नाम का लड़का रहता था। उसका घर गांव के बीचों बीच था। उसके पिता खेती करते थे, और माता घर के काम करती थी। मनीष की बड़ी बहन का नाम राधा था। दोनों स्कूल में पढ़ते थे। स्कूल गांव से बहोत दूर था।

एक दिन की बात है। मनीष और राधा दोनों स्कूल से निकले। गांव नजिक था। वहां एक निम के पेड़ के पीछे खड्ढे से आवाज आया, भाऊ भाऊ। उसने देखा तो उसमें खड्ढे में एक कुत्ते का बच्चा गिरा हुआ था। दोनों आगे चलने लगे। राधा ने मनीष को रोक कर कहा, हमे उस बच्चे को बचाना चाहिए। मनीष ने कहा क्यों ? वो तो थोड़ीदेर अपने आप निकल जायेगा। देख कर लगता है बहोत छोटा बच्चा है। अपने आप नहीं निकल पायेगा। मनीष ने कहा चलो ठीक है।

दोनों खड्ढे के पास गए। बच्चा बाहर निकलने के लिए उछल रहा था। पर निकल नहीं पा रहा। मनीष ने बच्चे को पकड़ के बाहर निकाला और उसे खुल्ले में रख दिया। बच्चा दौड़ते हुए झाड़ी में घुस गया। फिर मनीष राधा दोनों अपने घर जाने के लिए निकल पड़े। राधा ने मनीष से कहा तुझे उस बच्चे को घर ले जाना है। मनीष ने कहा नहीं वो अपने माँ के पास ही सही है। उसकी माँ आसपास ही कही गई होगी वो आ जायेगी।

दूसरे दिन स्कूल जाते वक्त दोनों उस जगह पर रुके। आसपास नजर किया तो बच्चा कहि पर नहीं दिखा। थोड़ी देर इधर उधर खोजने के बाद दोनों स्कूल जाने लगे। साम को आते वक़्त भी उस बच्चे को खोजा पर वह नहीं दिखा।  कुछ दिन वह दोनों स्कूल आते जाते उस बच्चे के लिए खड़े रहते। तो भी वह बच्चा नहीं दिख। कुछ दिन के बाद वो दोनों इस बात को भूल गए थे।

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एक साल बाद एक दिन मनीष और राधा दोनों स्कूल से आ रहे थे। आज थोड़ा लेट हो गया था। इस लिए वो दोनों थोड़ा जल्दी चल रहे थे। दोनों का स्कोलरशिप का पैसा आया था। राधा ने पैसा स्कूल बैग में रखा था। रुमाल में बांधकर रखा था। अचानक राधा को लगा कि कोई उसका पीछा कर रहा है। दोनों खड़े रहे। ओर पीछे मुड़कर देखा तो गांव का बदमाश राजू था। राजू ने कहा मनीष तो घर चला जा। मुझे राधा से कुछ काम है। मनीष ने कहा काम हो तो घर आना। राजू ने मनीष को धक्का मार के गिरा दिया। और राधा से कहा तुम्हारे पास जो पैसा है वो मुझे दे दे।

मनीष चिल्लाने लगा। बचाओ.... बचाओ...... राजू ने कहा कोई सुनने वाला नही है। इतने में ही झाड़ी में से एक कुत्ता दौड़ते हुए आया और राजू को जमीन पे गिरा दिया। राजू पर जोर जोर से भोकते हुए उसे काटने लगा। वह अपनी जान बचाते हुए वहां से भाग गया। कुत्ता भी उसके पीछे भागा। मनीष को हाथ पकड़कर खड़ा किया और राधा आश्चर्य से कुत्ते को देखा। यह कुत्ता सही समय पर आ गया। लगता है भगवान ने इसे हमारी मदद के लिए भेजा हे। राधा ने कहा भगवान ने नहीं तुम्हारे अच्छे कर्म ने उसे भेजा है।

मेरा अच्छा कर्म ! मनीष सोच में पड़ गया। राधा ने कहा भूल गया तुमने जो कुत्ते के  बच्चे को बचाया था वो यही कुत्ता है जो आज बड़ा हो गया है। मनीष अरे हा, इतने दिन के बाद भी उसने मुझे पहचान लिया। कुत्ते सबका स्मेल याद रखते है। तो वो तेरा स्मेल कैसे भूलेगा। एक कहावत है, किया हुआ काम कभी खाली नहीं जाता ! यह उसका सबूत है। मनीष ने कहा सही बात। इतने में वो कुत्ता आया और मनीष का पैर चाटने लगा। उस दिन से राधा और मनीष स्कूल आते जाते वह कुत्ते के साथ खेलने आते है।

मुझे उम्मीद है कि आपको यह स्टोरी पसंद आई होगी। पसंद आये तो अपने दोस्तो के साथ जरूर शेर करे।


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