कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। Hindi story. Bacchon ki kahani.

 

Hindi story. Bacchon ki kahani.

कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। Hindi story. Bacchon ki kahani. Kahaniyan.

यह कहानी है सोनू की। एक घण्टे से मम्मी चिल्ला रही थी, सोनू बेटा उठ जा, उठ जा, उठ जा सोनू! बेटा स्कूल जाने का समय हो गया है। तू आज भी सोता रहा तो रोज के जैसे आज भी स्कूल लेट से पहूंचेगा। एसा रोज होता था। सोनू रोज लेट उठता और रोज उसे स्कूल जाने में देर हो जाती। इसका रिझल्ट यह आता कि वो भले फ़ाइनल एग्जाम में अच्छे नम्बर से पास हो गया हो पर रोज लेट जाने की वजह से लेट हाजरी के कारण उसे कभी पहला नम्बर नहीं मिलता था। 


सोनू थोड़ा मस्तीखोर था। उसे सुबह उठने में आलस आता था। मम्मी जब उसे रोज सुबह सुबह चिल्लाकर उठाती है तो सोनू को लगता था कि बेकार में मम्मी चिल्लाती है। सोनू रोज स्कूल लेट जाने के कारण एक दिन उसके प्रिंसीपल ने सोनू की मम्मी को बुलाया। उसे फरियाद करते हुए कहा, अपका लड़का पढ़ने में तेज है, पर रोह स्कूल लेट आये ऐसा नहीं चलेगा। वो रोज लेट होने का अलग अलग झूठे बहाने बताता है। मम्मी प्रिंसिपल के सामने देख कर कहा, में जानती हूं सर पर में क्या करूँ ?


सुबह में रोज इसपर चिल्लाती हु, फिर भी वो लेट तैयार होता है। आप ही इसका कोई उपाय बताओ। प्रिंसिपल ने कहा ठीक है, सुनो मेरी एक बात। में जैसा कहता हूं वैसा ही कल करना। उस दिन रात को मम्मी ने सोनू से कहा, बेटा तुझे कल स्कूल से पिकनीक पर जाना है, सुबह सात बजे स्कूल पहोंच जाना है। तो में सर को मना कर दु की कल तू नहीं जा पायेगा। सोनू उत्साह में आकर कहा, ना, ना, बिलकुल नहीं। मम्मी में पिकनीक में जरूर जाऊंगा। वहां तो बहोत मजा आएगा। मम्मी ने कहा पर बेटा तुझे सुबह जल्दी उठना होगा। सोनू ने कहा कोई बात नहीं। तू मुझे उठा देना। में तैयार हो जाऊंगा। 


बेटा मुझे कल सुबह योगा क्लासिक जाना है तो तुझे खुद तैयार होना होगा। तू सात बजे तैयार रहना योगा से आके तुझे स्कूल छोड दूंगा। दूसरे दिन मम्मी ने सोनू को नहीं उठाया। फिर ऐसा हुआ कि सोनू समय से तैयार नहीं हो पाया। और सात के वजाय साढ़े सात बजे मम्मी के साथ स्कूल पहूंचा। वॉचमैन ने कहा पिकनीक की बस तो सात बजके पांच मिनीट में निकल गई। सोनू यह सुनकर रोने लगा। फिर मम्मी ने सोनू से कहा, अगर तू सुबह जल्दी उठता तो तू पिकनिक पर जा सकता था। पर तेरी यह लेट उठने की आदत से ऐसा हुआ। अपनी आदत को सुधार। फिर कभी लेट नहीं होगा। इस लिए कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है। 

Hindi story. Bacchon ki kahani. Kahaniyan.



Post a Comment

0 Comments