किसी बात से डरो मत। जीवन मे डरने जैसा कुछ होता ही नहीं है। Hindi kahani. Hindi story.

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किसी बात से डरो मत। डर हमारा विकास अटकाता है। जीवन मे डरने जैसा कुछ होता ही नहीं है।  Hindi kahani. Hindi story. 

 एक लड़की थी। उसका नाम था शाक्षी। वह तीसरी क्लास में पढ़ती थी और छोटे से गांव सोनपुर में रहती थी। शाक्षी निडर लड़की थी। वह अपने से बड़े लड़के या कुत्ते से कभी नही डरती थी, पर उसे अंधेरे से बहोत डर लगता था। पूरा दिन वह खेलते रहती पर जब शाम होता तो वह उदास हो जाती ओर घर मे चली जाती। रात में उसे कही आना जाना हो तो वो मना कर देती। उसकी मम्मी उसे शाम को दुकान भेजती तो भी वह नहीं जाती। शाक्षी अंधेरे से डरती है बो सब जानते थे।

 शाक्षी की एक दोस्त थी जिसका नाम था काजल। काजल शाक्षी को कहती कि अंधेरे से डरने की कोई जरूरत नहीं ऐसा समझाती। पर शाक्षी नहीं समझती थी। एक दिन शाक्षी स्कूल में देर से पहोंची इस लिए उसके दोस्तों ने उसे बहोत डराया। डर के मारे उसे बुखार आ गया। दो - तीन दिन तक वह स्कूल नहीं गई। काजल शाक्षी की बीमार की बात पता चली तो वो उसे मिलने के लिए पहोंच गई। शाक्षी की मम्मी ने उसकी देगभाल के लिए उसे रुक जाने के लिए कहा। 

रात को सभी लोग खाना खा के सो गए। शाक्षी और काजल एक ही रुम में सो गए। शाक्षी तो रात को भी लाइट चालू रखती इस लिए काजल को नींद नहीं आती। काजल को शाक्षी की अंधेरे की डर कब बारेमे तो पता ही था। उसने बहोत सोचा फिर उसे एक विचार आया। उसने कम्बल ओढ़ के सोने का नाटक किया। और आवाज बदल के बोलने लगी ! शाक्षी.... शाक्षी.... शाक्षी....  अपना नाम सुनकर वो तुरन्त उठ गई। वो बहोत डरी हुई थी। फिर आवाज आने लगी ! शाक्षी... ओ शाक्षी..... शाक्षी... बेचारी शाक्षी हिम्मत जुटाकर बोली कोन है ? इतना बोलने के बाद फिर से आवाज आई ! कोई नहीं में अंधेरा हु। मुझे रोशनी से बहोत डर लगता है। लाइट बन्द कर दे प्लीज़। 

डरी हुई शाक्षी थोड़ी देर के हैरान होकर रह गई। अंधेरा रोशनी से डरता है यह तो किसी ने कभी सोचा ही नहीं होगा। थोड़ी देर में फिर से आवाज आई ! शाक्षी प्लीज़ लाइट बन्द कर दे ना। मुझे रोशनी से बहोत डर लगता है। इस बार का आवाज उसका खुद का हो ऐसा लगा। थोड़ी देर तक ऐसा आवाज आता रहा। शाक्षी का अंधेरे के प्रति डर थोड़ा कम हो गया। उसने उठ कर देखा कि आखिरकार आवाज आ कहा से रही है। पर उसे तो कम्बल ओढ़ के सोते हुए काजल ही दिखी। उसे लगा कि आवाज पलँग के नीचे से आ रही है। पर वहां भी कुछ नहीं था। शाक्षी हैरान होकर फटाफट उठी और लाइट बन्द कर के सो गई। ओर आवाज भी अपने आप बन्द हो गया। 

सिख:- किसी बात से डरो मत। डर हमारा विकास अटकाता है। जीवन मे डरने जैसा कुछ होता ही नहीं है। 

Shere जरूर करे। 

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