Motivation story hindi. Hindi kahani. Inspiration story.

Motivation story hindi
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पहले part में हमने देखा कि जो प्रोफेसर आये थे उसने उस 12 साल के लड़के को एक रेस ओर खेलने के लिए कहा। और वो लड़का तैयार हो गया। अब आगे... 


जो बूढ़े प्रोफेसर थे जो विद्वान थे उस शहर के उन्होंने 2 नए चैलेंजर्स उस लड़के के पास रखे। एक तो बिव्यांग व्यक्ति थे जिसे ठीक से दिखता नहीं देता था। और एक दूरी बूढ़ी अम्मा थी जिनकी उम्र काफी ज्यादा थी सीनियर सिटीजन थी उन दोनों ले साथ उस 12 साल के लड़के के साथ दौड़ना था। उस लड़के की तो होश ही उड़ गई उसकी तो आरी कॉन्फिडेंट गम हो गई उस लड़के ने कहा सर ये क्या हो रहा है। कहा में ओर कहा ये। इनके साथ मे रेस करनी है। उन्होंने कहा हा तुम्हें इन्हीं दोनों ले साथ दौड़ना है।


 तीसरी रेस सुरु हुई। सिटी बजी इस लड़के ने दौड़ना सुरु किया दौड़ता चला गया। और जा कर के Finishing line पर पहोंच गया। लेकिन अबकी बार किसी ने भी सिटी नहीं बजाई। स्टेडियम में सन्नाटा था वो जो सारी भीड़ आई थी इतने सारे योग आये थे वो सारे चुप चाप बैठे थे। उस लड़के ने पीछे मुड़ कर के देखा तो उसके साथ दो दौड़ने वाले थे दो खिलाड़ी थे दो दौड़ने वाले थे जिनमें से एक दिव्यांग थे जिसे दिखाई नहीं दे रहा था और दूसरी जो बूढ़ी अम्मा थी वो दोनों वहीं के वहीं खड़े थे। लड़का दौड के प्रोफेसर के पास गया और जाकर के कहा ये क्या हुआ ? में जीत गया लेकिन किसी ने भी ताली नहीं बजाई। कोई खुश ही नहीं दिख रहा है। जो प्रोफेसर थे उन्होंने कहा एक काम करना आप जाना आपके जो दो साथी खिलाड़ी है उनके साथ रेस कम्पलीट  करना। ये लड़का वापस आया।


 चौथी बार रेस सुरु हुई इस लड़के ने दौड़ना सुरु नहीं किया बल्कि चलना सूरु किया उन दोनों का हाथ पकड़ के। एक तरफ दिव्यांग व्यक्ति था और दूसरी तरफ बूढ़ी अम्मा थी। अपनी लाइफ की सबसे स्लो रेस में पार्टिसिपेट कर रहा था। धीरे धीरे धीरे चलता चला गया। बहोत टाइम लगा। लेकिन अबकी बार जो 100 मिटर की रेस जो थी वो तीनो मिलकर साथ मे पूरी की। और पूरे स्टेडियम में तालियों और सीटीओ की गड़गड़ाहट थी। लोग सलाम भेज रहे थे प्यार भेज रहे थे। लगातार तालियां बज रही थी। तालियां रुक ही नहीं रही थी। लड़का दौड़ के आया प्रोफेसर के पास ओर पूछा कि एक बात बता दीजिये की अबकी बार किसके लिये तालियां बज रही है। हम तीनों मे से किसके लिए तालियां बजाई जा रहीं है। प्रोफेसर ने कहा कि अबकी बार तालियां विनर के लिये नहीं बजाई जा रहीं है। इस रेस के लिये बजाई जा रहीं है जो सानदार तरीके से पूरी हुई है। आज तुमने जो जीता है वो लोगोका दिल। ये रेस तुम्हारे जीवन की सबसे यादगार होगी। 


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