Bhoot ki kahani. कालीविद्या। Hindi kahani.

Bhoot ki kahani. कालीविद्या।

 यह कहानी है पार्थ की। उसने एक कालीविद्या मंत्र की किताब पढ़ना सुरु किया। धीरे धुरे उसे उस किताब में मन लगने लगा। उस किताब में बहोत सारे मंत्र लिखे हुए थे। उसने अपने आप पे ही एक-दो मंत्र का प्रयास किया और उसमें वो सफल भी हो गया। उसने महीनेभर छुट्टी में उसने काली मंत्र सिख लि थी, ओर अब स्कूल सुरु होने से उसने वो मंत्र अपने दोस्तों पर सुरु किया। उसने अपने टीचर को भी नहीं छोड़ा। मेने अपने पापा पे भी एक मंत्र का प्रयोग दिया। ऐसा किया कि मुझे कभी पैसा देने से इनकार ना करे। अब मुझे ऐसा करने का नशा हो गया था। दिन में दो-तीन लोगों के ऊपर कालीविद्या का प्रयोग ना  करू तब तक मुझे संतोष नहीं मिलता था। अब उसे इसमे आगे बढना था। 

एक दिन उसने साधना करने वाला तांत्रिक को संपर्क किया उन लोगो को उसने अपनी मंत्र तंत्र दिखाई। उन लोगो ने कहा कि जो तुम भूत-प्रेत की साधना करे तो इस से ज्यादा शक्ति प्राप्त कर सकता है। यह सुनकर वो तुरन्त तैयार हो गया। घर जाकर उसने साधना करना सुरु कर दिया, और तीसरे दिन से ही उसके घर मे भयानक आत्मा घूमने लगा। और वो सब मेरे मंत्र के ऊपर गुलाम बन के नाचने लगा। उसने कालीशक्ति से पड़ोस में रहने वाली एक लडक़ी के शरीर मे एक प्रेत आत्मा से भेंट  करा दी। पर उसे यह पता नहीं था कि मेरी ये नादानी उसके ऊपर ही भारी पड़ेगी

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