सच से बड़े से बड़ा मुश्किल से भी बचा जा सकता है। Motivational story in hindi.

Motivational story in hindi.

रमेश को पढ़ने का बहोत शौक था। जहां पर रहते थे वहां कोई बड़ा स्कूल या कोई अच्छा अध्यापक नहीं था। उनके पिताजी का देहांत हो चुका था। मां जिंदा थी उन्होंने मां से कहा माँ में शहर जाऊं। पढ़ाई करने के लिए। वहां बड़े-बड़े विद्यालय हैं वहां पर बहुत बड़े-बड़े अध्यापक और विद्वान  हैं। रमेश ने अपनी मां से बोला मां आपकी इजाजत हो तो में जाऊ। अनपढ़ आदमी जाहिल कहलाता है। जाहिल की कोई इज्जत नहीं होती। जाहिल अंधों की तरह होते है।  उसको  ना  दुनिया की खबर होती है ना दिन की। हालत एक तरह की मौत है एक तरह की अंधेरी है विद्या रोशनी है। विद्या जिंदगी  है, पढ़े लिखे इंसान का नाम दुनिया में हमेशा जिंदा रहता है। ईश्वर के यहां भी इसकी इज्जत होती है। उसकी मां बहुत ही अच्छी थी।  वो हमेशा भगवान की पूजा करती थी। उन्होंने जब देखा कि उसके बेटे को पढ़ने का शौक है तो ईश्वर का धन्यवाद करने लगी। की विद्या जैसी कीमती चीज का शौक उनके बच्चे को हुआ।  किसी बुरी बात की लत नहीं लगी। माँ के पास 40 सिक्के थे यही उनकी कुल पूंजी थी। मां ने अपने होनहार बेटे के लिए सफर के लिए सामान तैयार किया। और 40 सिक्के बेटे को दे दिए। हमेशा एक बात याद रखना हमेशा सच बोलना जो भी बोलना सच बोलना क्योंकि सच से इंसान मुसीबत से बच जाता है। सच इंसान की जान बचाता है। उस जमाने में रेल नहीं थी मोटर और बस भी नहीं थी लोग ऊंट और घोड़े पर या पैदल ही सफर किया करते थे। जो कि चोरों और डाकुओं का खतरा रहता था। इसलिए बहुत से आदमी साथ सफर किया करते थे जिसे काफिला कहा जाता था। एक काफिला शहर जा रहा था। रमेश भी उस काफिले के साथ चलता रहा। 1 दिन पहाड़ के पास से काफिला गुजर रहा था। की उस पर डाकू ने हमला कर दिया सारे काफिले का माल और सामान लूट लिया एक डाकू ने रमेश को भी घेर लिया। 


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