जैसा करोगे वैसा पाओगे। Motivational story in hindi. Hindi kahani, Motivational hindi story.

जैसा करोगे वैसा पाओगे।

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एक जंगल में हाथियों का झुंड रहता था। उस झुंड में 3 बच्चे और 7 बड़े हाथी थे। वे जंगल के वातावरण में काफी खुश थे और इंसानों की गैरमौजूदगी से उनका जीवन अच्छा कट रहा था। लेकिन ये खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकी। एक दिन एक परिवार जंगल में आकर बस गया। वे जंगल में खेती करने के उद्देश्य से आए थे। उन्होंने जंगल का एक हिस्सा साफ कर के उसमे खेती करना शुरू कर दिया। वहां अक्सर ऐसा हुआ करता था कि अनजाने में ही कोई हाथी उनके खेतों में चला जाता था । यह परिवार के लिए चिंता का विषय बन गया। एक दिन सारे परिवार के सदस्यों ने मिल कर फैसला किया की वे हाथियों को अपने खेतों से दूर रखने के लिए अपने खेतों को चारों तरफ लोहे के तार लगा देंगे जिसमें करंट चलता हो । और जैसे ही कोई हाथी उसके पास आएगा तो उसे जोर का झटका लगेगा। 

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एक दिन गलती से ही एक हाथी का बच्चा उसी परिवार के खेतों में चला गया । वह लोहे के तारों से अनजान था। उन तारों के संपर्क में आते ही उसे इतना ज़ोर का झटका लगा कि उसने उसी जगह पर दम तोड़ दी। हाथियों को जब इस बात का पता चला तो एक बेहद शोक का माहौल बन गया। सब लोग दुख में डूबे हुए थे। उन सबने मिल के यह फैसला किया कि वे जंगल चोड़ देंगे। लेकिन इंसानों को इस बात का कोई अफसोस नहीं था बल्कि वे इस बात को लेकर खुश हुए की उनकी जुगाड़ काम कर गई। कुछ दिन बीत गए और हाथी दूसरे जंगलों में चले गए। एक दिन खेतों के तार में से एक तार टूट कर ज़मीन पर गिर गया। खेत में पानी देने का समय आगया था। 


खेत का मालिक ट्यूबवेल से खेत में पानी भर रहा था।  धीरे धीरे खेत में इतना पानी भर गया की ज़मीन पर पड़ा तार पानी में डूब गया। मालिक ने अपने छोटे भाई को खेत में पानी देखने के लिए बोला। भाई खेत में जाकर पानी का स्तर देखने लगा। तभी उसे लगा कि पानी खेत के एक हिस्से में सामान्य गति से नहीं जा रहा । वह उस तरफ ढाल सही करने जाने लगा। अचानक उसका पैर तार पर पड़ गया। उसे पूरे शरीर में बहुत तेज़ करंट लगा। और वेह बेहोश हो गया। उसे जल्दी ही सरकारी अस्पताल में ले जाया गया । उसके पैरों में छाले पड़ गए थे और उनमें उसे बहुत पीढ़ा हो रही थी। मालिक ने जब यह दृश्य देखा तो उसे उस हाथी के बच्चे की पीढ़ा का अहसास हुआ। उसने कहा " मैंने हाथी के घर में घुस कर उसी के बच्चे को मार कर जो पाप किया यह उसी का परिणाम है , मैं ने पाप किया है और भगवान ने मुझे उसी का फल दिया है"। कुछ समय बाद मालिक जंगल छोड़ कर चला गया। और हाथी जंगल में वापस आगए।

कहते है ना जैसा करोगे वैसा वैसा ही मिलेगा। अपने फायदे के लिए किसी को कष्ट देना अच्छी बात नहीं है।


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Auther:- आदित्य शुक्ला


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