महेनत का महत्व। Mahenat ka mahatv. Motivational storie in hindi.

महेनत का महत्व। Mahenat ka mahatv. Motivational storie in hindi.

महेनत का महत्व। Mahenat ka mahatv. Motivational storie in hindi.


Hindi khani का बेस्ट वेबसाइट है ये। यहां आपको सीखने लायक बहोत सारी hindi kahani मिलेगी। 
 

एक गांव में कमलेश नाम का एक व्यक्ति रहता था। स्वाभाव से वह बहुत ही आलसी था, उसे मेहनत करना बिलकुल पसंद नहीं था। वह दिन भर घर में पड़ा रहता। उसके माँ बाप उसके इस आलसपन से बहुत परेशान थे, वे कमलेश को बहुत समझाते, पर कमलेश पर किसी की बात का कोई असर नहीं होता। वक़्त बीता एक-एक कर कमलेश के माँ बाप स्वर्ग सिधार गए। वह बिलकुल अकेला पड़ गया।  जब  उसके जीवन यापन के लिए कोई साधन न बचा तो पहले उसने घर का सामान बेचा फिर धीरे-धीरे सारी संपत्ति बेच दी। कमलेश ने  बेघर हो जाने के बाद एक पेड़ ने नीचे अपना बसेरा बना लिया। वह दिन भर वही पड़ा रहता और अपने भाग्य को कोसता रहता, गांव के लोगो ने उसे मेहनत करने की सलाह दी पर कमलेश ने अपने आलसी स्वाभाव के कारण किसी बात पर ध्यान न दिया शुरू में तो गांव के लोग तरस खा कर उसे खाने पीने को दे जाते थे, पर धीरे धीरे उसके निक्कम्मेपन से नाराज़ हो कर लोगो ने उससे बात करना मिलना-जुलना सब बंद कर दिया।सब  लोग उसे कालू कह कर पुकारने लगे पर कालू पर किसी बात का कोई असर नहीं होता। वह वैसे ही पेड़ के नीचे दिन भर पड़ा रहता और भीख मांग कर जो मिलता उससे गुजारा करता। 


kahaniya


एक दिन  गांव में बहुत जोरों की बारिश हुई, कालू पेड़ के नीचे अकेले भीगता रहा  पर कोई उसे देखने नहीं आया। जब कुछ देर  बारिश नहीं रुकी तो कालू ने निराश हो कर भाग्य को कोसते हुए  गांव के बाहर मंदिर में शरण ली। तभी  वहाँ से गुजर रही एक गाड़ी अचानक वहां रुकी और उसमे से एक आदमी कालू के सामने आ कर खड़ा हो गया और मुस्कुराते हुए पूछा ये क्या हाल बना रखा है "कमलेश " पहचाना मुझे ? बहुत दिन बाद अपना नाम सुन कर कालू सकपका गया, उसकी आंखो में आंसू आ गए फिर उसने धीरे से न में सर हिलाते हुए पुछा आप कौन है श्रीमान ? मैंने आपको नहीं पहचाना।  उस व्यक्ति ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया मैं तुम्हारे बचपन का मित्र  हूँ "राजेश"। मित्र को पहचान कर कालू को अपने पुराने दिन याद आ गए जब वो भी धनवान हुआ करता था उसकी आंखो से आंसू की धारा बहने लगी। उसने मित्र की ओर देख कर कहा भाग्य ने मेरा साथ छोड़ दिया और दुर्भाग्यवश मै बहुत गरीब हो गया हूँ। मित्र ने पुछा बताओ मैं तुम्हारे लिए क्या कर सकता हूँ ? कालू ने जवाब दिया मैं फिर   धनवान  बनना चाहता हूँ,  बिना मेहनत किये धनवान बनने का कोई उपाय हो तो बताओ। मित्र समझ  गया की कालू को  समझाने का कोई फायदा नहीं उसने कालू को अपने घर का पता दिया और कहा कल तुम मेरे घर आना मैं तुम्हे बिना मेहनत किये धनवान होने का उपाय बता दूंगा।  यह सुन कर कालू बहुत खुश हुआ उसने कहा वह नियत समय पर घर पहुंच जायेगा। उस दिन उसे ढंग से नींद भी नहीं आयी रात भर वह धनवान बनने के  बारे में सोच कर खुश होता रहा।  


hindi story


फिर दुसरे दिन नियत समय से अपने मित्र के घर पहुंच गया। मित्र ने मुस्कुराते हुए उसका स्वागत किया। तभी कालू ने धनवान बनने का उपाय पूछा, मित्र ने सामने बैठे अपने पिता की ओर इशारा करते हुए कहा ये मेरे पिता है , एक दुर्घटना में इनकी आँखे चली गयी है और इनकी किडनी भी  ख़राब हो गयी है।  तुम अपनी आँखे और एक किडनी मेरे पिता जी को दे दो बदले में हम तुम्हे खूब सारा धन दे देंगे जिससे तुम बिना मेहनत के धनवान  हो जाओगे  और  तुम्हारा जीवन खुशहाल हो जायेगा। कालू ने उदास होते हुए जवाब दिया मेरी किडनी  लाखो की है और मेरी आँखे अनमोल है ये मैं कैसे दे दू आँखों के बिना जीवन के सारे रंग फ़ीके, सारी  खुशियाँ  अधूरी हैं जब खुशियाँ ही नहीं होंगी तब धन का मैं  क्या करूँगा। मित्र बोला  पर तुम तो कह रहे थे की तुम बहुत गरीब हो ! कालू को मित्र की बात समझ आ गयी उसने शर्म से नज़रे झुका ली।  मित्र ने  बात को  जारी रखते हुए कहा  स्वस्थ शरीर ही सबसे बड़ा धन  है  जिसके पास स्वस्थ शरीर है उससे बड़ा कोई धनवान नहीं। भगवान ने तुम्हे स्वस्थ शरीर दिया है  जिसकी मदद से मेहनत कर के  तुम धनवान बन सकते हों, परन्तु तुमने जीवन भर आलस किया भगवान की दी हुई अनमोल तोहफे की क़द्र नहीं की जिसके कारण आज तुम्हारी ये हालत है। धनवान बनने का कोई शार्ट कट नहीं होता। इंसान अपनी मेहनत से ही धनवान बन सकता है , तुम्हे भी मेहनत  करनी चाहिये। कालू को अब  मित्र की बात समझ आ गयी उसने अपने मित्र को धन्यवाद दिया और वादा किया कि अब वह आलस त्याग कर खूब मेहनत करेगा।


 वापस आ कर कालू ने खेतों  में मजदूरी का काम शुरू कर दिया और जल्दी ही उसकी गरीबी दूर हो गयी। गांव के लोग उससे अब प्यार करने लगे और उसे फिर से  कमलेश कह कर उसका सम्मान करने लगे। वह खुश था उसके जीवन में  सम्पन्नता फिर से लौट आयी थी और अब वह मेहनत करने के महत्व को भी समझ चुका था। 


Auther:- Sonia Mishra


कहानी लिख के पैसे कमाने के लिए यहां क्लिक करे।

Click here 👉 Earn Money


Telegram Join 👇



Post a Comment

0 Comments