गौतम बुद्ध की कहानी। Stories of Gautam duddha. Part -2. Hindi kahani.

 

गौतम बुद्ध की कहानी।


गौतम बुद्ध की कहानी। Stories of Gautam duddha. Part -2. Hindi kahani.

अगले पार्ट में हमने देखा कि तालाब का पानी गन्दा कर रखा था। शिष्य बहोत गुस्से में था। वो भगवान गौतम बुद्ध के पास गया और वहा जो हुआ वो बताया। अब उसके आगे ! 


शिष्य बहोत ग़ुस्से में था। तभी भगवान गौतम बुद्ध ने कहा की शांत हो जाओ। शांत हो जाओ! यहीं हम थोड़ी देर रुकेंगे उसके बाद आगे बढ़ेंगे। भगवान गौतम बुद्ध ने अपने शिष्यों के साथ वही बरगद के पेड़ के नीचे विश्राम किया। घंटा 2 घंटा बीत गया। फिर से उसी शिष्य से कहा एक काम कीजिए फिर से उसी दिशा में जाइए उसी तालाब में जाइए! बर्तन लेकर के जाइये गा और अबकी बार पानी भर कर लाइएगा अब पानी पियेंगे। उसे समझ मे नहीं आया कि ये क्या बात हुई अभी तो गया था वहां गंदा पानी है। लेकिन गुरुदेव ने कहा था मना नहीं कर सकते थे। वापस गया ! वो शिष्य वहां जाकर के देखता है तो वह तालाब का पानी साफ हो चुका था। साफ पानी बर्तन में भरा और वापस आया। और आकर के प्रणाम किया और पूछा ! और आकर के पूछा बस मुझे यह बता दीजिए भगवान कि वह तालाब का पानी साफ कैसे हो गया ?  उन्होंने कहा कि सारे लोग वहां से चले गए पशु और जानवरों को लेकर चले गए। कपड़े धोना बंद कर दिया तो जितनी गंदगी और मिट्टी थी वह सारी गंदगी और मिट्टी नीचे बैठ गई। पानी तो पहले से ही स्वच्छ ही था तुम्हें वापस से स्वच्छ दिखने लगा। भगवान गौतम बुद्ध ने अपने शिष्य को समझाते हुए एक बात और कही यह कहानी उस तालाब की पानी की नहीं यह कहानी हमारे दिमाग की है। हमारे दिमाग में कई बार ऐसा होता है की  बहोत सारि चीजे चलती है। Negativity हावी हो जाती है। जैसे उस तालाब में गंदगी आ गई थी उस शिष्य ने कुछ नहीं किया। सिर्फ वक्त दिया। भगवान गौतम बुद्ध ने कहा घंटे 2 घंटे यहां विश्राम करेंगे और फिर से शिष्य से कहा जाइए और पानी भर के ले कर आइए। कुछ नहीं किया अपने आप वह गंदगी नीचे बैठ गई। वैसे ही माइंड में जब Negativity  हावी हो जाए तो कुछ नहीं करना है।  अपने आप को टाइम देना है। आपको लगता है कि मुझे गुस्सा आ रहा है आप किसी से लड़ने के मूड में आ चुके हैं लड़ाई करनी है, बहस करनी है!  उल्टा सीधा बोलना है। उसे कंट्रोल कीजिए अपने माइंड को शांत रखिए। समय पर छोड़ दीजिए। कुछ समय के बाद आपको भी लगने लगेगा कि मेरी भी गलती थी। वक्त दीजिए अपने आप को। जब तालाब में गंदा पानी साफ हो सकता है तो माइंड में भी जो गंदगी है वह भी नीचे बैठ सकती है पॉजिटिविटी है वह भी आप पर हावी हो सकती है।


Part - 1 👉  गौतम बुद्ध

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