दो भाइयों की कहानी। Heart touching stories in hindi. Hindi kahani.

Motivational story in hindi

दो भाइयों की कहानी। Heart touching stories in hindi. Hindi kahani.


 यह कहानी एक वकील साहब ने सुनाई। वकील साहब कहते हैं मैं अपने चेंबर पर बैठा हुआ था अचानक से एक आदमी दौड़ते हुए अंदर घुसा आया। बड़े गुस्से में था सफेद कपड़े पहने थे लेकिन मिट्टी सनी हुई थी। चेहरा धूप में काला हो चुका था। परेशान था गुस्से में था कागजों का बंडल हाथ में था सारे कागज पेपर लाकर मेरी टेबल पर पटक दिया। गुस्से में कहा कि वकील साहब मुझे एक फ्लेट पर स्टे चाहिए तेल लगवा दीजिए कितना खर्चा कितने पेपर चाहिए मुझे बताओ। मैंने कहा भाई साहब बैठीए बैठिए। ऐसी को मैंने सेट किया अच्छा टेंपरेचर किया ताकि ठंडक पहोंच जाए। ऑफिस बॉय को बुलाया और कहां इनको ठंडा पानी पिलाओ शरबत पिलाओ। मैंने कहा भाई साहब चिंता मत कीजिए आपका काम हो जाएगा बस मुझे बताओ करना क्या है। सारे पेपर उनसे लिए आधे घंटे तक बात हुई। समझने की कोशिश की क्या कहना चाह रहे थे। फिर मैंने उन्हें हाथ जोड़कर के नमस्कार की और कहा कि 4 दिन बाद फिर से आइयेगा में बस एक बार में पेपर चेक कर लेता हूं उसके बाद आपको बताऊंगा कि क्या करना है। आप के केस को सुलझाने के लिए थोड़ा टाइम दीजिए।


तीन-चार दिन के बाद वह आदमी वापस आया। उसी गुस्से में वही शक्ल वही हाल में। मैंने कहा बैठिए। आज आप कुछ बोलें उससे पहले मैं बोलना चाहता हूं। आपसे मेरी जितनी बातचीत हुई जितने कागज देखें उससे मुझे थोड़ा-थोड़ा समझ में आया है। और जो मुझे समझ में आया है बस वह मैं आपको समझाना चाहता हूं। मैंने कहना शुरू किया की भाई साहब आप आपका छोटा भाई और बहन आप 3 सदस्य परिवार में है। आपके मम्मी पापा बचपन में गुजर गए। मां-बाप के चले जाने के बाद आप ही घर के सबसे बड़े सदस्य थे। आपने भाई और बहन का ख्याल बिल्कुल मां-बाप की तरह रखा। अपनी बहन की अच्छी पढ़ाई लिखाई के बाद उसकी शादी करवा दी। और छोटे भाई के लिए तो जी जान एक कर दी। हर एक साथ उसके लिए लगा दी। आपने तो सिर्फ नवमी तक ही पढ़ाई की लेकिन अपने भाई को इंजीनियर बना दिया। जितना मैं समझ पा रहा हूं कि आप बता रहे थें की बचपन मे एक बैल ने  सिंघ घुसा दिया था। भाई लहूलुहान हो गया था। आप कंधे पर लेकर के उसे 5 किलोमीटर दूर अस्पताल में ले गए क्योंकि गांव में अस्पताल नहीं था। आपने अपने भाई के लिए सब कुछ एक कर दिया। बहुत मेहनत की खेतों में दिहाड़ी की, भूखे पेट रहे तन पर कपड़े ढंके नहीं थे लेकिन भाई के लिए आपने कोई कमी नहीं आने दी। आपने अपना जीवन न्योछावर कर दिया। यहां तक कि वह एक बार बीमार हो गया तब डॉक्टर्स ने कहा कि किडनी चाहिए और आपने उसके लिए अपनी किडनी डोनेट कर दी। और कहा कि तू ऑफिसर बन दिमाग ठीक नहीं लगेगा। मैं तो यहां गांव में रह करके खेती करूंगा। तू जा अपनी जिंदगी जी। अच्छे से पढ़ाई कर अच्छा ऑफिसर बन। भाई ने जब इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन लिया कॉलेज की फी 80000 सालाना थी वह भी आपने चुकाई। 


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1 Comments

  1. यह लेख बहुत उपयोगी और अच्छा लिखा गया है,
    शेयर करने के लिए धन्यवाद ...
    ऐसे ही बेस्ट हिंदी लेख शेयर करते रहे।

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