दो भाइयों की कहानी। Heart touching stories in hindi. Hindi kahani.

Motivational story in hindi


दो भाइयों की कहानी। Heart touching stories in hindi. Hindi kahani.

 और उनकी पढ़ाई के लिए उसे अच्छे यूनिवर्सिटी में एडमिशन करवाया उसके लिए जो कुछ बनता था वह सब आपने किया। लड्डू लेकर के जाते थे त्यौहार पर मिठाई लेकर जाते थे! भाई के लिए कोई कमी नहीं आने दी। भाई जब इंजीनियर बना तो पूरे गांव में खाना खिलाया। माहौल बना दिया। भाई ने कहा इंजीनियरिंग कॉलेज में मुझे एक लड़की पसंद आई थी मुझे शादी करवा दो। आपने उसकी शादी करवा दी धूमधाम से। लेकिन वहां से किस्सा बदल गया। भाई बदल गया। भाई ने घर आना जाना बंद कर दिया पैसे भेजना बंद कर दिया कहा की शहर में बहुत खर्चा है भाई। तुम नहीं समझोगे, और अभी हाल ही में उसने एक फ्लैट ले लिया है। और पूछा कि पैसे कहां से आए तो बोला कि लोन ले लिया है। अब लोन की चुकाई के लिए कह रहा है कि आधी खेत बेच दो। आधा खेत बेच के मुझे मेरा आधा हिस्सा दे दो। इस बात से आप खफा हो गए हैं। आप कह रहे है कि मेरी जिंदगी में ये हिस्सा नाम का शब्द आया ही नहीं था। आप इसी गुस्से में अपने छोटे भाई के फ्लैट पर स्टे लगवाना चाहते हैं। सही कह रहा हूं ना! वकील के सामने जो भाई साहब बैठे थे उसने कहा बिल्कुल सही कह रहे हैं। फिर वकील साहब ने कहा थोड़ा और सुन लीजिए। मैं आपको आश्वासन दिलाता हूं भरोसा दिलाता हूं कि आपका काम हो जाएगा। उस फ्लैट पर स्टे दिलवा दूंगा यहां तक की उस भाई ने जो प्रॉपर्टी खरीदी है उसमें आधा हिस्सा भी दिलवा दूंगा। फिर वकील साहब ने कहा कि आपने जो किडनी छोटे भाई के लिए दान कर दी थी वह क्या वापस आएगी। क्या हुआ लम्हा वापस आ पाएगा जब आप अपने छोटे भाई को कंधे पर लेकर वह लहूलुहान था आप उसे अस्पताल लेकर गए थे 5 किलोमीटर दूर। क्या वह जिंदगी के पल लम्हे वापस आ पाएंगे। जो आपने उसके लिए न्योछावर कर दिए। आपने अपनी पूरी जिंदगी लगा दी। वो इस फ्लैट की कीमत के सामने कुछ भी नहीं है। यह प्लेट की कीमत सबके आगे सुनने हैं जीरो है। आपने अपने अनमोल समय अपने भाई के लिए दे दिया। कहां आप कोर्ट कचहरी के चक्कर में पड़ रहे हैं। इससे दूर हटिये। आपके भाई ने जो किया उसे भूल जाइए वह गलत रास्ते पर चला गया लेकिन आप गलत रास्ते पर मत जाइए। आपका भाई सोच से भिखारी निकला लेकिन आप दिलदार थे दिलदार रहिए आपने अपना हाथ ऊपर रखा था ऊपर ही रखिए। अपने बच्चे को पढ़ाईये लिखाईये उनकी पढ़ाई लिखा है मैं अपना मन लगाइए।  उनके लिए जिंदगी न्योछावर कीजिए। हो सकता है आपका भाई पढ़ाई लिखाई के बाद बिगड़ गया। संस्कार भूल गया लेकिन आपके बच्चे ऐसा नहीं करेंगे मैं विश्वास दिलाता हूं। वकील साहब यह बोल रहे थे सामने वाले भाई के आंख में से आंसू छलक रहे थे लेकिन चाह कर भी रोए नहीं। हाथ जोड़ा नमस्कार किया और का वकील साहब आपका धन्यवाद मुझे समझाने के लिए और वहां से चले गए। वकील साहब कहते हैं कि जब वह गया तब मुझे लगा कि वह गुस्सा हो गया है। शायद वह नाराज हो गया है कि वकील जिसके पास में काम करवाने आया था वह मुझे ज्ञान दे दिया। वकील साहब को लगेगा कि यह दूसरे वकील के पास जाएगा अपना काम करवाएगा स्टे ले आएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। 

साल बीत गया फिर एक दिन वह आदमी उस वकील के चेंबर में आया सफेदी झलक रही थी साथ में एक लड़का था। हाथ में मिठाई का पैकेट था और उस व्यक्ति ने कहा साहब आपका धन्यवाद है। वकील साहब ने कहा मैं आपको पहचान गया आइए बैठिए। उस व्यक्ति ने कहा मैं आज बैठने नहीं बल्कि आपको मिठाई खिलाने आया हूं। जो बात आपने उस दिन कही थी की कोर्ट कचहरी के चक्कर में मत पड़ो और ये भाई से बदला लेने के चक्कर में मत पड़ो अपने बच्चों के पढ़ाई लिखाई के चक्कर में पढ़ो। मेरा बच्चा आज डॉक्टर बन गया है वकील साहब। गांव में अस्पताल खोल दिया है उसी की मिठाई खिलाने आया हूं क्योंकि आप हैं इस मिठाई के असली हकदार। और रही बात भाई की उसने भी मुझसे माफी मांग ली। और मैंने उसे माफ भी कर दिया है। 

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है के गुस्सा सब कुछ बर्बाद कर देता है। गुस्से में इंसान क्या कर रहा है वह उसे उस वक्त पता नहीं चलता पर पछतावा शांत होने के बाद  होता है। गुस्से को शांत करना सीखो क्योंकि जो गुस्से को कंट्रोल कर लेता है वो बहुत कुछ कर सकता है। गुस्सा तो कुछ समय के लिए रहता है पर उससे होने वाले नुकसान जिंदगी भर भुगतना पड़ता है। 

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