स्वभाव। इंसानियत की कभी हार नहीं होती। svabhav. प्रेरणादायक कहानी।

स्वभाव। इंसानियत की कभी हार नहीं होती।

स्वभाव। इंसानियत की कभी हार नहीं होती। Motivational story in hindi. Hindi kahani. प्रेरणादायक कहानी।


एक गाँव था। उस गाँव मे राम और शाम नामके दो लड़के रहते थे। वो दोनों अच्छे दोस्त थे। दोनो ने school की पढ़ाई साथ मे की। college भी साथ मे की। दोनो ने पढ़ाई खतम करने के बाद दोनों शहर में नोकरी ढूढ़ने के लिए जाता है। वहां दोनो एक कंपनी में जाता है और वहा के शेठ से बात करता है। शेठ दोनो की details एक पेपर में लिखता है। और कहता है में दोनों को कल call कर के बुलाऊँगा। दोनो खुश होकर घर आते है।

उसके अगले दिन शेठ का call आता है और दोनों को अपनी कंपनी में बुलाता है। दोनो पहले से ही तैयार होकर बैठे थे। बस call आने की देरी थी। दोनो शहर के कंपनी में पहूंचते है। और दोनों के कागजाद चेक करते है। और दोनों को बाहर wait करने के लिए कहता है। थोड़ी देर में शेठ दोनो को अंदर बुलाता है। और दोनों को ₹ 500-₹ 500  देता है और कहता है। बाजार जाओ और दोनों एक एक KG मिठाई लेकर आओ। दोनो बाजार में साथ जाता है। दोनो बाजार में जाकर मिठाई वाले की दुकान में पहुँचते है। वहां पर 3 गरीब  बच्चे आते है।

प्रेरणादायक कहानी। 

 राम उसे देखता है, उसे लगता है कि कई दिनों से इन लोगोने पेट भर के कुछ नही खाया, उसे उन बच्चों को देखकर दया आती है। शाम उन बच्चों को देखकर कहता है चल हट - हट उधर जा। राम वहां से मिठाई नही लेता वो उन बच्चों को उन पैसों से खाना खिला देता है। शाम राम को कहता है। राम ऐसा क्यों किया! शेठ गुस्सा होंगे। तुम्हे नॉकरी पे नही रखेंगें।राम कहता है कोई बात नही दोस्त। शेठ को कहना उनके पैसे कल  में office में आके दे दूंगा। इतना कहकर राम वहां से अपने घर चला जाता है। शाम वहा से मिठाई लेकर कंपनी में पहुंचता है। शेठ ने पूछा दूसरा कहा है। शाम ने वहां पे जो हुया वो सारी बात बताई। फिर शेठ शाम को कहता है। तुम कल से काम पे आ जान। शाम को कंपनी में मशीन चलाने की( ऑपरेटर ) नॉकरी मिलती है। वो खुश होकर घर जाता है।

दूसरे दिन राम कंपनी के office में जाता है और शेठ से मिलता है। राम उसे ₹500 देने के लिए पर्स से पैसे निकलता है तभी सेठ बोलता है। पैसे देने की जरूरत नही है। वो तुम अपने पास रखो। वहा पे जो गरीब बच्चे आये थे वो हमारे आदमीने ही भेजे थे। वो इस लिए की दोनो को कोनसा काम देना है वो में समझ नही पा रहा था। इस लिए ऐसा प्लान किया। कल तुम काम पर आ सकते हो। राम शेठ को दिल से शुक्रिया बोलता है। राम को उस कंपनी में मेनेजर की नॉकरी मिलता है। वो खुश होकर घर आता है। वहा पर उसके दोस्त ने उस से पूछा, शेटने तुमसे क्या कहा? नॉकरी मिली? रामने हस्ते हुए कहा भाई मुझे नॉकरी मिल गई उसी कंपनी में मेनेजर की। उसका दोस्त खुस हो जाता है और कहता है चलो साथ में तो है हम।

दोस्त वो नही जो तुम्हारी सफलता पे आपका अपमान करे। दोस्त वो होता है जो सफलता में ओर असफल में अपना साथ दे। इसी तरह शाम ने भी ऐसा ही किया।

Post a Comment

0 Comments