एक गरीब परिवार की कहानी। Best Motivational story. Hindi kahani.

एक गरीब परिवार की कहानी। Best Motivational story. Hindi kahani.

एक गरीब परिवार की कहानी। Best Motivational story. Hindi kahani. 

एक गाँव था। उस गाँव से थोडी दूर एक जंगल था। उस जंगल मे एक झुपड़ी में एक गरीब परिवार रहता था। एक दिन वहां पर एक गुरूजी ओर उसके शिष्य साथ मे आते है। गुरूजी ओर उसके शिष्य को बहोत प्यास लगी होती है। वो उस झुपड़ी के पास जाते है और बोलते है। क्या कोई अंदर है। उस झुपड़ी से एक व्यक्ति ओर उसकी पत्नी बहार निकलती है। वो उनसे पानी मांगते है। वो व्यक्ति उन्हें पानी देता है। दोनो पानी पीते है। और गुरूजी उन्हें देखते ही समझ जाता है कि इस  व्यक्ति की परिस्थिति बहोत खराब है। अंदर से दो बच्चे फ़टे कपड़े में बहार निकलके आते है। गुरुजी को बहोत दया आती है। गुरूजी पूछता है तुम क्या काम करते हो? व्यक्ति कहता है कुछ नही। हमारा एक गाय है वो दूध देती है उसी से काम चला लेते है। आधे दूध बेच देते है और कुछ हमारे खाने के लिए रखते है। गुरूजी कहता है क्या ये खेत तुम्हारा है। व्यक्ति कहता है हा गुरूजी। तो तुम खेती क्यों नही करते। व्यक्ति कहता है हमारे पास खेती करने के लिये एक भी सामान नही है।

काफी देर हो जाती है। अंधेरा होने लगता है। गुरूजी कहता है क्या में आज रात यही रुक सकता हु। व्यक्ति कहता है कोई बात नही गुरूजी। जब आधी रात हो जाती है तब गुरूजी देखते है सब सो गए है। तो वो अपने शिष्य को कहता है हमे यहा से चलना होगा। और अपने साथ इस गाय को भी ले लो ओर इसे ऐसी जगह छोड़ देना जहा से कोई इसे ला ना सके ओर गाय भी वहा जा न सके। शिष्य  को यह बात पसंद नही आती। फिर भी गुरूजी का आज्ञा का पालन करना जरूरी है। क्यों वो उनके गुरु थे। शिष्य ने वैसा ही किया।

फिर कुछ साल बीत जाते है। शिष्य मन मे सोचता है जिस व्यक्ति का गाय हमने भगा दिया था वो अभी क्या कर रहा होगा। चलो आज उस से मिल आते है। शिष्य वहा जाता है और देखता है वहा पर कोई झुपड़ी नही था उसकी जगह एक घर था। घर के बाहर ओर खेत मे सब्जियो की खेती की हुई थी। शिष्य को लगा कि वो व्यक्ति लगता है यहां से चला गया है। वो वापस जाने के लिये पीछे मुड़ते समय उस व्यक्ति को खेत मे काम करते हुए देखता है। शिष्य वहां जाता है और उस व्यक्ति से कहता है क्या मुझे पहचाने!  व्यक्ति कहता है हा गुरुजी। शिष्य पुछता है तुम्हारे पास तो कुछ नही था और आज ये सब कैसे ? व्यक्ति कहता है आपके जाने के बाद मेरी गाय भी कही चली गई थी जो बहोत ढूंढने के बाद भी नही मिली। हम लोग बहोत परेशान हो गए थे की क्या करना है। फिर हमने खेती करने के बारे में सोचा पर हमारे पास पैसे नही थे। इस लिए मेने लकड़ी बेचने का धंधा सुरु किया। और जो पैसे आये उस से मैने खेती करने की सामान खरीदा। ओर में सब्जी का खेती करना सुरु किया। आज में इस गांव का सब्जियों का सबसे बड़ा वेपरी हु। ये सब हमारी गाय की बजह से हुया। वो अगर नही भागती तो आज में इस मुकाम पर नही पहुंचता।

इसी तरह कई लोग जीने के लिये किसी चीज पर निर्भर करते है।इस गाय की तरह ओर इस व्यक्ति की तरह। अगर आप किसी चीज पर निर्भर होकर रहोगे तो आप जीवन मे कुछ भी हासिल नही कर पाओगे। आपको ऐसा ही लगेगा उसकी वजह से हमारा जीवन चल ही रहा है ना तो हमे काम करने की क्या जरूरत। पर जीवन मे एक बात याद रखना किसी पर निर्भर रहने से हमारा जीवन सिर्फ चलता है सुधरता नही है। सुधार के लिए आपको किसी पर निर्भर होकर नही चलना है। आपको खुद कुछ करना होगा। वो व्यक्ति उस गाय पे लाचार था।

ओर हा इस वेबसाइट में एक giveaway सुरु होने वाला है तो आप लोग उसमे जरूर पार्टिसिपेट करना। ज्यादा जानकारी के लिए ऊपर थ्री लाइन पे क्लीक करे।

Telegram Join 👇


इसे भी जरूर पढ़ें।




Post a Comment

0 Comments