लालची राजा। Hindi kahani. Motivational story in hindi.

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लालची राजा। Hindi kahani. Motivational story in hindi.


एक गाँव था। उस गाँव मे एक राजा रहता था। वो थोड़ा मंदबुद्धि था। ओर उसे किसी चीज का बहोत लालच था। और उसी गाँव मे एक रामु नाम का व्यक्ति रहता था। उसे पता था कि राजा मंदबुद्धि है। इस लिए उसके मन मे विचार आया कि क्यों ना राजा को बेवकूफ बनाया जाए।

रामु एक दिन राजा के दरबार मे आया और राजा से कहा। राजा साहेब हमारे घर मे आज कुछ महेमान आने वाले है। तो मुझे उन लोगो के लिए खाना बनाने के लिए मुझे थोड़े बर्तन चाहिए थे। राजा ने कहा ठीक है तुम ले जा सकते हो। फिर रामू बर्तन लेके घर चला गया। ओर जब वो उसके अगले दिन बर्तन राजा को वापस देने गए तो उसने  साथ में अपने छोटे बर्तन भी डाल दिये। ओर राजा के पास गए। राजा देखते ही सोच में पड़ गया कि ये छोटे बर्तन आये कहा से तो रामु ने कहा राजा साहेब ये आपही के बर्तन है। आपने मुझे जो बर्तन दिये थे उसमे से कुछ नए बर्तन का जन्म हुआ है। राजा ने कहा ठीक है। तुम जा सकते हो।

उसके वाद रामु 1 महीने के बाद फिर आया और कहा राजा साहेब मुझे फिर से कुछ ज्यादा बर्तन चाहिए। राजा ने कहा ठीक है। पर बर्तन का जितना जन्म होगा वो सारा मुझे लाके देना होगा। रामु ने कहा जी राजा साहेब। वो बर्तन लेके चला गया।


बहोत दिन हो गए रामु बर्तन देने नही आया तो राजाने अपने सिपाही को रामु को बुलाने कहा। सिपाही ने रामु को ले आया। राजा ने रामु से अपने बर्तन मांगे। रामु ने यह उत्तर दिया कि राजा साहब आपने जो बर्तन मुझे दिये थे उसका जन्म हुया था। तो बर्तन का अंत भी तो निश्चित है। तो आपने मुझे बर्तन दिए थे उसका अंत हो गया। रामु ने कहा जिसका जन्म होता है उसका अंत भी निश्चित है। राजा ने कहा तुम्हारी बात सही है तुम जा सकते हो।

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