संस्कार। Sanskar. by pkmotivation. motivational stories.

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संस्कार। Sanskar.  Motivational speech in hindi.


पहले एक जमाना था जब घर का पता लगाना हो तो पिताजी/दादाजी के नाम से पहचाना जाता था। और अब घर नंबर से। हमारा जो देश है वो धीरे धीरे संस्कार को भूलता जा रहा है। पहले बड़ो को प्रणाम करना होता था तो झुक के करते थे और अब खड़े होकर बोलकर करते है। आधे तो प्रणाम भी नही करते। उसे तो कुछ पड़ी ही नही होती कि कोन आया और कौन गया। ये ज्यादातर मोबाइल लवर होते है।

पहले Teacher को भगवान का दर्जा देते थे और आज आप लोगो को पता ही होगा की क्या हो रहा है। आज teacher की इज्जत करना तो दूर की बात है इज्जत भी नही देते। और जब पिता/माता की इज्जत करने की बात करे तो पहले माता/पिता की बहोत इज्जत ओर सम्मान करते थे और डरते थे। और आज माता/पिता से कोई डरता भी नही। (Note:- डरने का मतलब आप जो समझ रहे हो वो नही । डरने का मतलब इज्जत ओर सम्मान करना। परिवार से क्या डरना। ) ऊपर से माता/पिता को ही धमकी देते है। ये कहा कि नियम है।

ओर हमारे जीवन की सबसे मुख्य बात ये है कि बड़े लोगो की इज्जत करना। सच बोलू तो आज के समय मे ज्यादातर लोगों को बड़ो की इज्जत करना नहीं आता। किस से कैसे बात करना है वो लोगो को पता ही नही। आपने एक सुविचार ( quotes ) तो जरुर सुना होगा या पढा होगा। " बोलना तो सबको आता है पर कब और कहा क्या बोलना है ज्यादातर लोगों को नही पता। "

इस post का उद्देश्य यही था कि अपने से बड़े लोगो की इज्जत जरूर करना। एक टाइम के लिए भगवान की पूजा नही करोगे तो चलेगा पर बड़ो की इज्जत जरूर करना।

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