Indian Education System. Motivation story. By pkmotivation.



Indian Education System. Motivation story. By pkmotivation.


भारत मे दो टाइप के स्कूल है। प्राइवेट ओर सरकारी। और देखा जाए तो प्राइवेट स्कूल को ही सब पसन्द करते है। सब के माता पिता अपने बच्चे को अछि से अछि पढ़ाई के लिए प्राइवेट स्कूल में ही एडमिशन कराते है। प्राइवेट स्कूलों में हमे फीस देनी पड़ती है। क्यों कि वहा सारी चीजें हमे प्रेक्टिकल सिखाया जाता है।

आज के Education System को देखे तो ये एक प्रकार से बिज़नेस बनता जा रहा है। आजकल के स्कूल में जितना नही सिखाते उस से ज्यादा तो ट्यूशन में सिखाते है। ट्यूशन की फीस तो सोचो ही मत। मुझे तो लग रहा है कि पढ़ाई को हम पैसे देकर खरीद रहे है।

मेने तो कई स्कूल ऐसी भी देखि है जहाँ के टीचर तो सही से Engish का स्पेलिंक भी नही आता और टीचर बन कर बैठे है। जब टीचर का ये हाल है तो स्टूडंड की पढ़ाई पे इफ़ेक्ट पड़ेगा कि नही।

ओर ये बात सुनता हु तो मुझे बिल्कुल भी पसन्द नही आती। मेरा बेटा या बेटी क्या पढ़ेगा कैसे पढ़ेगा ये पेरेंट्स तय करते है। स्टूडेंट को तो कुछ बोलने का मौका ही नही देते। मुझे लगता है केरियर हमे स्टूडंड को बनाना है कि माता-पिता को।

ओर लोग कहते है कि आजकल मार के पढाने से कोई नही पढ़ता। आज के जनरेशन में मार के पढ़ाना ही जरूरी है। प्यार से पढाओगे तो कम ही ऐसे लोग पढ़ पाते है। एक Example  देता हूं, स्कूल में अगर सर कहे मुझे थोड़ा काम है में थोडी देर में आया। तुम लोग ये टॉपिक लिख के रखो। कम ही ऐसे लोग है जो लिख के रखेंगे। अगर सर कह के जाए कि अगर जिन लोगो का बाकी रहा तो 5 डंडे पड़ेंगे। तो एक भी स्टूडंड ऐसा नही होगा कि जिसने नही लिखा होगा।

मुझे पता है सब स्टूडंड सब सब्जेक्ट में सही नही होता। किसी को science आता है तो किसी को maths, किसी को ड्रॉइंग, किसी को गाना गाने का सोख है, किसी को डान्स करना। इन सब मे आप अपना कॅरिअर बना सकते हो।

इस मे स्टूडेंट लोग को पढ़ाने में खाली टीचर लोग का हक नही बनता। थोड़ी बहोत पेरेंट्स को भी जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी। एक Example से समझते है। आप ने जो मटकी बनाते है उस कुंभार को तो देखा ही होगा। कुंभार का का चकरी जो होता है वो पेरेंट्स होता है, ओर जो कुंभार है वो टीचर ओर जो मटकी है वो स्टूडेंट्स है। अगर ये तीनो सही तरीके से काम करे तो मटकी अछि बनती है। अगर चकरी टेढ़ा घूमे तो मटकी टूट जाती है या खराब बनती है। इस लिए पेरेंट्स ओर टीचर दोनो को काम करना पड़ेगा।

मुझे आसा है आप को ये टॉपिक पसंद आया होगा अपने फ्रेंड को जरूर shere करें।

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