मंदिर में दान करना अच्छा है या गरीबो में। pkmotivation.


मंदिर में दान करना अच्छा है या गरीबो में। pkmotivation.


1) आप को तो पता ही होगा की भारत की आवादी दिन प्रति दीन बढ़ती जा रही है। जो की एक बहोत बड़ी समस्या है।
इस से मानव जीवन पर बहोत बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। ज्यादा आवादी के वजह से भारत में बहोत सारे लोग बेरोजगार बैठे हे। बहोत सारे लोगो को काम नहीं मिल रहा। 

2) मंदिर आप सब लोग गए होंगे। पर एक चीज को आप ने जरूर नोटिस किया होगा। जो भीक्षुक ( भिखारी ) लोग जो होते है वो कभी अंदर नहीं जाते। और जो पैसे वाले या मध्यम वर्ग के लोग होते है वही अंदर जाते। क्योंकी उसे पता है कि भगवान मुझे खाना नही देगा। मनुष्य ही खाना देगा। 

हम भगवान से ये प्राथना करते हे की हमें ऐसे ही सुख और शांति बनाए रखे। मंदिर के अंदर वाले हमारे भगवान होते है। और जो मंदिर के बाहर  भीक्षुक ( भिखारी ) होते है, उसके लिए भगवान आप लोग होते हो। वो कभी मंदिर में जाके भगवान से ये नही बोलता की मुझे भूख लगी है कुछ खाने को देदो। वो मंदिर के बहार जो लोग आते जाते रहते है उसी को बोलते हे। और तो भीक्षुक में ज्यादातर बूढ़े , अपंग, या छोटे बच्चे ऐसे ही लोग होते है। 
आप मंदिर में दान करो इस से अच्छा गरीब लोग को बाँट दो तो आप की ही समाज में इज्जत बढ़ेगी।

मुझे एक बात बताओ मन्दिर में सब पेसे क्यों देते है। पैसे देने से इच्छा पूरी हो जाती है क्या। या कुछ फायदा होता होगा। भगवान ने कभी कहा ही पहले पैसे दो तभी आपका काम होगा। हमारे देश की यही problem है जिसे पैसे की जरूरत है उसे पैसे नही मिल रहे और जिसे जरूरत नही वहा पेसो का पहाड़ बना है। 

और भगवान ने कभी ये नहीं कहा कि आप पहले फ़ीस भरो तभी आप की मन्नत पूरी होगीऔर हा गरीब या भीक्षुक ( भिखारी ) को कभी पैसे मत देना। कुछ खाने की चीज लेके सब में बाँट देना। पैसे कभी मत देना। आप मेसे कोई एक देना सुरु करोगे तो आप को देख के दूरसे खडे होंगे। पर बड़ी प्रॉब्लम क्या है कि कोई पहेले सुरु नहीं करता।


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