पडोसीधर्म केसा होना चाहिए। पदोशीधर्म। Hindi kahani. Hindi story.

Hindi kahani. Hindi story.

पडोसीधर्म केसा होना चाहिए। पदोशीधर्म। Hindi kahani. Hindi story. 


Hello friend.
पडोशी धर्म केसा होना चाहिये ? आइये डीटेल में समझते है।
इसके लीये एक example को समझते है।
Example:- एक गाँव था। उस गाँव में मेनाबहेन और हंसाबहेन एक दूसरे के बगल में रहते थे। दोनों में थोड़ी थोडी मित्रता थी।

एक बार मेनाबहेन बीमार पड़ी। उसने सोचा हंसाबहेन के पास से कुछ ले आती हु। मेनाबहेन हंसाबहेन के पास गई । और कहा ! हंसाबहेन आज में बहुत बीमार हु। मुझे थोड़ा सामान चाहिए जो आप को में कल वापस दे दूंगी। हंसाबहेन ने कहा मेनाबहेन आप को तो पता ही होगा की मेरी परिस्थिति केसी हे। तो आप की में कैसे मदद कर सकती हूं। 

       Motivational stories

हंसाबहेन ने मेनाबहेन की कोई मदद नही की। मेनाबहेन निराश हो गई पर वो हंसाबहेन से दुःखी नहीं हुई। मेनाबहेन ने एक दो दिन कैसे कर के गुजार लिया।
थोड़े दिन वाद हंसाबहेन बीमार पड़ी। उसकी मदद करने कोई नहीं आया । पर मेनाबहेन को पता चला की हंसाबहेन बीमार है। तो मेनाबहेन तुरंत हंसाबहेन के पास गई और उसकी सेवा में लग गई। दो तीन दिन तक मेनाबहेन ने हंसाबहेन की मदद की।

मेनाबहेन की भलाई देख कर हंसाबहेन रोने लगी। उसको पस्तावा हुआ । उसने कहा मेनाबहेन मने आप की  दुःख में मदद न की। पर आपने मेरी दुःख में भाग लिया। मुझे बहोत शर्म आ रही है। मेनाबहेन ने हस्ते हस्ते कहा अरे  हंसाबहेन पडोसी धर्म है जो हमें एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। सुख दुःख में भाग लेना चाहिए। आप बीमार थी तो आप की मदद करना चाहिए। पड़ोसी के लिए भलाई का काम करनी चाहिये।
हंसाबहेन ने कहा मेनाबहेन अब में भी सुख और दुःख में साथ दूंगी। और दोनों में पक्कि दोस्ति हो गई।

सिख
इस  कहानी से हमें ये सिख मिलती है कि अगर आप बीमार पडो या कोई चोर आप के घर में घुस जाये तो आप की मदद के लिए पहले आपके पडोशी ही आएगा।


Motivational stories

Post a Comment

0 Comments